आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0196 · भाग 24

गुरु जी, कई बार ऐसा होता है कि जब कोई आध्यात्मिक जीवन में जाने की कोशिश करता है, तो उसके प्रियजनों को ऐतराज रहता है या उन्हें लगता है कि उन्हें दुख दिया जा रहा है। उस स्थिति में क्या करना चाहिए?

देखो, अध्यात्म को लोगों ने बहुत भ्रमित कर दिया कि अध्यात्म में जाने का मतलब सब छोड़ना है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। अध्यात्म में जाने का मतलब है बेईमानी छोड़ना। तो इसमें क्या गलत है, बताओ? जीवन आप ज्ञान से जीते हो — जो भी काम करते हो, ज्ञान लगता है ना। जीवन जीने के लिए ज्ञान की जरूरत है, उसे कहते हैं अध्यात्म; और संसाधन का सही तरीके से उपयोग करते हैं, उसे कहते हैं विज्ञान। अगर मुझे जानकारी है कि कौन सा पानी शुद्ध है, कौन सा अशुद्ध, तभी हम सही पानी का उपयोग करेंगे; जानकारी नहीं तो हम गटर का ही पानी पी रहे हैं और बीमार हो जाएंगे। तो अध्यात्म का मतलब है ज्ञान — उचित-अनुचित, और राग-द्वेष से कैसे मुक्त हो जाओ। राग-द्वेष से मुक्त होना तो अच्छी बात है, सबके लिए है। वो अपनी जिंदगी में खुश रहने लगेगा, तो अच्छा है ना। बाकी परिवार भी ऐसे हो जाए, सब हो जाएं — खुशियां ही खुशियां झूमें। हम झूठा प्यार जता रहे हैं; हमारे प्यार के पीछे तो वासना है, प्यार का तो हमने नाम दे दिया है। अगर हम समझ के, ज्ञान में होके एक-दूसरे के साथ जिएं, तो जीवन और खूबसूरत होगा। अब तो अध्यात्म में दोनों साथ जा रहे हैं, बच्चे भी जा रहे हैं — सब अपनी मस्ती में रहें तो कितनी अच्छी बात है। झूठा जीवन तो खत्म होगा, जीवन ईमानदारी का होगा, सच्चाई का होगा। पहले तो अपने से ही शुरुआत करनी पड़ेगी। जो अड़चनें आएंगी, उन पर अपने संकल्प के साथ, बिना किसी को तकलीफ दिए, बढ़ते रहना चाहिए — क्योंकि हम अपने आप को बदल रहे हैं। कह दो: अगर आपको बदलना है तो साथ आ जाओ, नहीं तो हम आपको कुछ नहीं कर रहे, आप मस्त से अपनी लाइफ जियो, हमें जीने दो। हम पीछे अब नहीं आ सकते, आप हमारे साथ आगे आओ — मैंने वो जिंदगी जी, मुझे इसमें सुकून मिल रहा है; एक बार ये जिंदगी जी के देखो, अगर ना पसंद आए तो वापस जाने का रास्ता तो है ना। उन्हें समझाइए, और नहीं समझें तो आप अपना जीवन जियो, अपने आप को समझो और आगे बढ़ो। अध्यात्म का मतलब घर-बार छोड़ देना थोड़ी ना है; अध्यात्म का मतलब है आप और अच्छे तरीके से जीवन जी सकते हो। जरा सोचो — हर व्यक्ति का देने का भाव होगा, लेने वाला कोई नहीं होगा; अगर पूरे परिवार में सब एक-दूसरे को देने ही लगें, तो वो परिवार कैसा होगा!

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वीडियो: मोह और प्रेम गलत है या सही ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान #प्रत्यक्षज्ञान #साधना · 2026-06-16