प्रश्नोत्तर P24-0195 · भाग 24
गुरु जी, एक आदमी ईमानदारी, सत्कर्म और काबिलियत से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग करके, काम करते हुए अंतर्मुखी यात्रा कर रहा है, और एक पड़े-पड़े कर रहा है — किसकी यात्रा जल्दी होगी?
जो पड़े-पड़े कर रहा है, उसकी जल्दी यात्रा होगी, क्योंकि वो पूरी तरह लग गया; दूसरा एक काम के साथ लगा है। इसलिए तो मैं कह रहा हूं कि एवरेज निकाल लो, उतना कमा लिए तो पड़ जाओ। काम करते हुए भी होगा, लेकिन इसमें जल्दी तो नहीं होगी। जिसको तेजी से करना है, वो पूरी तरह लग जाए। लेकिन जब आपके पास जिम्मेदारी है, कर्तव्य है, दायित्व है, तो उसको निभाते हुए करो — कम से कम कर तो रहे हो, लगे तो हो। जहां भी रहो, लगे रहो; और पूरी तरह लग जाओ तो बहुत अच्छी बात, और जल्दी यात्रा होगी।
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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27