आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0035 · भाग 30

गुरु जी, बहुत लोग यही बोलते हैं कि साधन सिद्धि के लिए रोज तीन-चार घंटे एक आसन में बैठना जरूरी है, तब जाकर आसन सिद्ध होता है और साधना आगे बढ़ती है, उसके बिना नहीं। क्या यह सही है?

वो आसन सिद्ध करके क्या करेंगे? उससे बेईमानी छूट जाएगी? हमने जीवन में बस इतना समझा — ईमानदारी, सत्कर्म अपना लो, आपका कल्याण पक्का; लिख लेना, अपना खुद का साइन कर लो। विश्व में कहीं भी चले जाओ, ये कोई फेल नहीं कर सकता। अपने आप को अंदर से प्योर कर लो, बस यही आपको प्योर कर देगा। बोल दो कि मैं ईमानदारी, सत्कर्म कर रहा हूं, मेरा कल्याण हो जाएगा — सब कहेंगे यस, हो जाएगा। और आप कहो कि मैं ये नहीं अपनाऊंगा, साधना करूंगा — तो बोलेंगे कभी नहीं होगा।

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वीडियो: #अहंकार से कैसे मुक्त हों ?| How to Dissolve the #Ego: The Path to #Spiritual #Freedom · 2026-05-13