प्रश्नोत्तर P30-0044 · भाग 30
गुरु जी, कहते हैं सुबह 4 बजे उठकर ध्यान करो, तब ब्रह्म मुहूर्त रहता है। इसके बारे में आप क्या कहते हैं?
हम तो एक ही बात कहते हैं, इसे समझ लीजिएगा। जब भी नींद खुले, उसके बाद जब भी कुछ करो तो ईमानदारी से — बस इतना ध्यान रखना; और अगर ऐसा ना हो पाए तो फिर सो जाना, उठना मत। जब भी उठो ईमानदारी से काम करो, बस यही साधना है। ब्रह्म मुहूर्त में माला जप के और दिन भर जेब काट रहे हो, वो कोई साधना है? मन में राम बगल में छुरी — यह कोई बात होती है?
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वीडियो: #अहंकार से कैसे मुक्त हों ?| How to Dissolve the #Ego: The Path to #Spiritual #Freedom · 2026-05-13