आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0152 · भाग 30

गुरु जी, अगर धर्म की किसी चीज का कांसेप्ट क्लियर हो जाता है, तो आगे कोई बात करता है तो उसे समझाया तो जा सकता है? आजकल डिबेट में दूसरे धर्म की किताबें पढ़कर उसकी कमियां निकालने का सिस्टम चल रहा है।

एकदम समझाया जा सकता है। (लेकिन) किताब कौन लिखा है? कोई भी राइटर बाजार में कोई भी किताब लिख दिया — लेकिन लिखने वाला है कौन? उस राइटर को देखो, उसकी स्थिति क्या है। अपने मान को खड़ा करने के लिए कितने लोगों ने गीता की व्याख्या कर दी। देखो, गीता की व्याख्या कर रहा है — सच में उस व्याख्या करने वाले की स्थिति क्या है? आप ही पैसा दो, आप ही गीता छपवा के, व्याख्या करके अपने नाम से बांट दो। कोई भी किताब की व्याख्या करके बेच रहा है, तो देखो कि सामने वाले की स्थिति क्या है, जो किताब लिखा वो राइटर कौन है। आप खुद समझने के लिए प्रयास करो कि मैं उस स्तर पर कैसे पहुंच के समझ जाऊं — उस स्तर पर जाने के लिए काम करना पड़ेगा। जैसे लोग कहते हैं यह हो रहा है — आपको कमी दिखी, आपने काम क्या किया? सब शिकायत कर लेंगे, लेकिन करेगा कौन? कहीं से शुरुआत तो करनी पड़ेगी। अगर आप कुछ किए होते, तो उतनी तो कमी दूर होती। आप करना चालू करोगे, तो और लोग आपसे प्रेरणा लेंगे और शुरुआत करेंगे। लेकिन बस प्रदर्शन करना है, धरना देना है — पेड़ लगाओ, प्रदूषण भगाओ; अरे भाई, प्रदूषण करना बंद कर दो! स्वच्छ भारत अभियान चलाने की जरूरत नहीं है, गंदा करना मत — ये अभियान चलाओ कि गंदा ही नहीं करना है। पेड़ लगाओ — आपने कितना लगाया, बताओ? बस हंगामा करना आता है, रोड पर खड़े होकर प्रदर्शन करना आता है। कहने का मतलब — प्रदर्शन करना बहुत सरल है, धरना देना बहुत सरल है; काम वही का वही रहता है।

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वीडियो: महानता को समझे महानता क्या होती है ? #महानता · 2023-12-28