आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0161 · भाग 30

गुरु जी, सेवक मालिक का चुनाव कैसे करे? कई मालिक ऐसे होते हैं जो मालिक होने के लायक नहीं हैं, फिर भी मालिक बनके बैठे हैं और हम उनकी सेवा कर रहे हैं।

वो आपको देखना है, पहले ये सेवक को जांचना है। सेवक को मालिक मिलना इतना आसान नहीं; कितने मालिकों से गुजर के आ रहे हैं — वो मालिक होने के लायक ही नहीं थे, बने हुए मालिक थे। आप सेवक रहोगे तो आपको मालिक कभी न कभी तो मिल ही जाएगा, ये ध्यान रखना; क्योंकि आप नकली मालिक के पास टिक नहीं पाओगे। असली सेवक रहोगे तो नकली मालिक के पास नहीं टिकोगे; और नकली सेवक रहोगे तो नकली मालिक के पास खूब टिकोगे, क्योंकि वो माल खिलाएगा। और असली मालिक तो आपको रगड़ेगा — माल नहीं खिलाएगा, रगड़ेगा। मैंने देखा, गुरु बनना, भगवान बनना, आज के समय में देवता तक बनना सरल है, पुजवाना सरल है, लेकिन सेवक बनना सरल नहीं है।

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वीडियो: सेवक के अंदर पाए जानें वाले गुण और धर्म कौन से हैं ? #livesatsang #aadhyatmik_satsang #gyan · 2024-12-24