आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P30-0163 · भाग 30

गुरु जी, आपमें हमें कभी पिता की फटकार दिखती है और कभी माता का दुलार। क्या हम अनुशासन न कर पाने के कारण ही अनुशासन करने वाले की आवश्यकता महसूस करते हैं?

दोनों है ना। आपको सिर्फ अनुशासन वाला मिल जाए तो आप नहीं रह पाओगे; दोनों चाहिए आपको — सेवक और अनुशासन, उसमें दोनों गुण हों, तभी तुम उसके पास टिक पाओगे। केवल अनुशासन वाला मिला तो भी नहीं टिक पाओगे, और केवल सेवक रहा तो भ्रष्ट हो जाओगे। इसलिए इस जगह पर साधक को आने के लिए बोले हैं, क्योंकि दोनों है। सेवकपन को भी स्वीकार किया हूं और आत्म ज्ञान है तो ज्ञान दे रहा हूं। जब आपको ज्ञान दे रहा हूं तो इस समय अलग भाव, और जब आपको खिलाने-पिलाने की सब व्यवस्था करते हैं तो उस समय अलग भाव होता है। दुलार तब होता है जब आप सही दिशा में चल रहे हो; जैसे ही इधर-उधर होते हो, तो फिर पिटाई।

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वीडियो: सेवक के अंदर पाए जानें वाले गुण और धर्म कौन से हैं ? #livesatsang #aadhyatmik_satsang #gyan · 2024-12-24