प्रश्नोत्तर P30-0165 · भाग 30
गुरु जी, आप किसी से पैर नहीं छुआते, किसी से सेवा नहीं लेते, अपना काम स्वयं करते हैं। हम आप जैसा बनने के लिए आए हैं — हमें कितने दिन लगेंगे?
आपके ऊपर है। आप तो डायरेक्ट हमारे पास आए हैं, आपको सीधा ज्ञान मिल रहा है; आपको तो और जल्दी होना चाहिए। आप उस पर काम करो। अपने आपको समझ-समझ के गलतियों को छोड़ो — गलतियों को छोड़ो। सेवा तब करना है जब आप सही मार्ग पर चलें; अगर आप जरा सा इधर-उधर हुए, तो सेवक भाव को छोड़ना पड़ता है, नहीं तो फिर आपका स्तर गिर जाएगा। साधक को भी आके सेवक ही बनना है; मालिक तो एक ही है।
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वीडियो: सेवक के अंदर पाए जानें वाले गुण और धर्म कौन से हैं ? #livesatsang #aadhyatmik_satsang #gyan · 2024-12-24