प्रश्नोत्तर P31-0017 · भाग 31
हम मकड़ी के जाल में खुद फंस गए हैं और वहां बिल्कुल निर्बल महसूस करते हैं — तो कोई प्रकृति, परमात्मा ऐसी ताकत दे कि हम निकल सकें; क्या रोज सुनते-मनन करते रहेंगे तो निकल जाएंगे?
दे तो रहा है। रोज सुन रहे हो तो ताकत मिल रही है कि नहीं मिल रही है — आप खुद आजमाइए, कि सुनने के पहले क्या स्थिति थी, सुनने के बाद क्या स्थिति हुई। और जो छटपटाहट हो रही है, पास्ट की चीजों को लेकर, उसे देखते रहो — छटपटाहट क्यों हो रही है? मानसिक पीड़ा हो रही है तो देखो क्यों हो रही है; धीरे-धीरे समझ में आ जाएगा। आदत है तो या तो वहां जाओ या छोड़ो — ये आप ही के ऊपर है। आप ही की समझ को विकसित करना पड़ेगा, आप ही को छोड़ना पड़ेगा, समझ के छोड़ना — यही मार्ग है।
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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27