आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P31-0019 · भाग 31

घर के लोग हाईली एजुकेटेड हैं, सर्टिफिकेट बहुत हैं, लेकिन आध्यात्मिकता में जिज्ञासु नहीं हैं — बस देखना है कि मुझे समझ में आए तो मैं निकल लूं; ऐसा न हो कि उन्हें देखने के चक्कर में मैं भी वहीं लिप्त रहूं।

एक बात बताइए — वो व्यक्ति नहीं समझा, लिप्त था; और आप समझ के भी उसी में लिप्त थीं, तो दोनों एक ही जगह मिलोगे। बल्कि वो माफी के काबिल है, उसको तो समझ में ही नहीं आया; तुम तो उससे भी ज्यादा बेवकूफ निकले। कसूर आपका कि आप निकल सकते थे, नहीं निकले — उन्हें देखने में जिंदगी गुजार दी कि ये चल नहीं रहे हैं, और तुम में चलने की ताकत थी तो तुम चले ही नहीं। जिसे मार्ग समझ में आ गया, उसे तेजी से यात्रा करनी चाहिए; पुराने प्रश्न को ढोना नहीं — आगे बढ़ो और आगे का प्रश्न करो।

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वीडियो: अंतर्मुखी कैसे हो ?अंतर्मुखी होने का रहस्य । #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-05-27