प्रश्नोत्तर P31-0051 · भाग 31
गुरु जी, वो परमात्मा मिल जाएगा तो मैं उसे सामने बिठा के जरूर पूछूंगा — इस ज़िंदगी से हम कुछ चाहते थे, अपने तरीके से, वो नहीं हुआ; हम यही पूछना चाहते हैं कि क्यों नहीं हुआ।
आपको एक बात पता है? आप उससे मिलोगे तभी, जब पूछने लायक नहीं रहोगे। जब तक आप पूछने लायक हो, मिलोगे ही नहीं। आप उसके सामने तभी आओगे जब सवाल कुछ नहीं है — सब समाप्त हो जाएगा तभी तो मिलेगा, उसके पहले नहीं मिलेगा। पूछ वहां पाओगे जहां कुछ कमी हो; और जहां सब कुछ है, वहां क्या पूछोगे? और आप अपने तरीके से क्यों चाहते हो? उसके तरीके में क्यों नहीं खुश हो? एक तरफ आप उसे सब कुछ मानते हो और एक तरफ उसके तरीके को नहीं मानते। उसके तरीके को मानना कितना आसान है — कुछ करना ही नहीं, बस अपना तरीका छोड़ दो। अपना छूटा तो बस उसी का तरीका है।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: जीवन जीने की कला क्या है ? #योगीजी_का_सत्संग #aadhyatmik_satsang #live_satsang · 2024-12-03