आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P31-0135 · भाग 31

गुरु जी, आप बता रहे हैं कि ज्यादातर लोग अपने-अपने लोभ के हिसाब से भगवान के पास जाते हैं, पर कुछ समझदार भी हैं। उन्हें किस आस्था से गुरु जी के पास और भगवान के पास जाना चाहिए?

गुरु के पास जाओ या अपने इष्ट के पास जाओ, तो समर्पण करके निर्विकार होने के लिए जाओ। कामनाओं से मुक्त होने के लिए जाओ, बुराइयों से मुक्त होने के लिए जाओ। राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, मेरा-कर्ता के भाव से मुक्त होने के लिए जाओ। अशांत भरे जीवन से मुक्त होने के लिए जाओ — कि मैं अपने कर्म को कैसे भोग लूं, मुझे मार्ग बताओ — इसके लिए जाओ। बचने के लिए मत जाओ। दुनिया में कोई पैदा नहीं हुआ जो किसी को बचा ले। जिस-जिसके सहारे लोग आश्वासन दे रहे हैं कि मैं तुम्हें बचा लूंगा, वो चाहे दुनिया का कोई भी धर्म हो, वह खुद भोग के गए हैं, उनका परिवार भोग गया है, तो आपको कैसे बचाएंगे? लेकिन आप बचने के लिए अनेक उपाय करते हो। यहां कोई किसी को बचा नहीं सकता।

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वीडियो: भगवान के दर्शन कैसे करें / #योगीजी_का_सत्संग #भगवान #दर्शन #satsang · 2024-07-12