आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P31-0151 · भाग 31

गुरु जी, भावना और बुद्धि में फर्क कैसे पहचानें? भावना बुद्धि पर हावी होती है और उसे जैसा चाहिए वैसा सोचने पर मजबूर करती है, और वैसे ही कर्म घटित होते हैं।

कर्म तब घटित होता है जब आप इंद्रियों द्वारा, शरीर के द्वारा करते हो। भावना — जैसे हमें भूख लगी, भोजन देखकर उसमें भाव आ जाएगा; और किसी ने हमें खिला दिया तो बड़ा अच्छा, नहीं खिलाया तो द्वेष। मतलब मिलने में भावना काम करती है — मेरे तरीके से हो जाता है तो वहां मेरा भाव काम करता है। बुद्धि हो, मन हो, चित्त हो, काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह कोई भी हो — सब मेरे द्वारा चलता है। तो कहने का तात्पर्य यह है कि आपको क्या करना है, वो देखो। बुद्धि या भाव जबरदस्ती थोड़ी कर्म करवाते हैं। भूख लगी तो भाव तो होगा, लेकिन दुकान पर देखकर भोजन करूं या घर पर, यह आपको देखना है।

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वीडियो: भगवान के दर्शन कैसे करें / #योगीजी_का_सत्संग #भगवान #दर्शन #satsang · 2024-07-12