प्रश्नोत्तर P31-0154 · भाग 31
गुरुदेव, साधक की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए? जागने से सोने तक का पूरा बताएं।
साधक को अच्छी नींद लेकर सोना चाहिए। उसके बाद कर्म करते हुए इतना ध्यान दे कि छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड नहीं होनी चाहिए। दिखावा नहीं करना है, योग्यता से ज्यादा पाने की उम्मीद का त्याग कर देना है। आंतरिक ईमानदारी, मेहनत, और मेरे कर्म से किसी को तकलीफ ना हो — इस तरह अपने काम को करना है। और एक से दो घंटा, जितना भी समय मिलता है, आत्म चिंतन में लगाना है — बस देखना है क्या हो रहा है। इसके बाद धन से, तन से, ज्ञान से अपनी आत्म रक्षा करते हुए समाज में जिन्हें जरूरत हो, उन जरूरतमंदों की सेवा में लगाना है — भूखे को भोजन, प्यासे को पानी, दवा, कपड़ा — जिस लायक आप हो। अगर आप गृहस्थी में हो, तो आपके दरवाजे से कोई भूखा-प्यासा ना जाए। पैसे से हर वस्तु खरीदी जाती है, तो पैसा आने का स्रोत ईमानदारी हो, बेईमानी नहीं — तब साधक होने का कोई मतलब है।
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वीडियो: भगवान के दर्शन कैसे करें / #योगीजी_का_सत्संग #भगवान #दर्शन #satsang · 2024-07-12