प्रश्नोत्तर P31-0155 · भाग 31
गुरु जी, क्या जीवन का अंत कर देने से दुख का अंत नहीं हो सकता? दुख बढ़ जाए तो जीवन का अंत करने में क्या दिक्कत है?
जीवन का अंत आप किस तरीके से करना चाहते हैं? अगर अंत ही करना है तो बुराइयों का अंत करो — जो बुरा काम आप कर रहे हो, वह बंद कर दो, सीधा-सीधा बात है। त्याग ही करना है तो राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, मेरा-कर्ता के भाव का त्याग करो — भाव का त्याग करो, मेरे लोगों का नहीं। कर्म के प्रति छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड मत करो — यह त्याग करो, इसे हटा दो।
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वीडियो: भगवान के दर्शन कैसे करें / #योगीजी_का_सत्संग #भगवान #दर्शन #satsang · 2024-07-12