प्रश्नोत्तर P31-0172 · भाग 31
गुरु जी, मुझे लगता है उस व्यक्ति की जुबान में कुछ आकर्षण है — उसकी दोस्ती-यारी के लपेटे में आकर ही मैं फंस गया।
अगर किसी की जुबान में आकर्षण हो और वह आपसे विष्ठा खाने को कहे, तो खाओगे? नहीं। तो कोई आकर्षण नहीं है — लालच आकर्षण है, लालच ही सम्मोहन है। अगर आप लालची हो तो आप पर सम्मोहन काम करेगा; आप लालची नहीं हो तो सम्मोहन नहीं, आकर्षण नहीं। कहीं ना कहीं आपकी इच्छा दबी थी और आपको एक बहाना मिल गया। कुछ चाहिए में लालच पैदा होता है; और योग्यता से ज्यादा पाना है तो लालच आता है, लालच के बाद बेईमानी आती है। हां तो हां, ना तो ना। अगर हां के बाद ना कहना पड़ रहा है, या ना के बाद हां कहना पड़ रहा है, तो बहुत गहराई से जांचो — क्यों? किस स्थिति में हां बोल रहे हो, ना बोल रहे हो, इसका ध्यान रखना। छोड़ के, त्याग करके अपना जीवन जियो और अपना आत्मिक कल्याण करो।
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वीडियो: #जीवन में लालच कब पैदा होता है ? (When Does Greed Arise in #Life? Consequences of Greed) in Hindi · 2026-03-10