आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P31-0171 · भाग 31

गुरु जी, मैंने चालीस साल तक शराब को हाथ नहीं लगाया, आज मेरी उम्र बयालीस साल है। पर पिछले कुछ समय से दोस्ती-यारी में, संगति के असर में मैं भी उसमें पड़ गया। अपनी बुराइयां छोड़ने के लिए आया हूं।

इस दुनिया में कोई दूध का धुला नहीं है, लेकिन धो सकते हो। आप पर उनका असर पड़ा, आपका असर उन पर क्यों नहीं पड़ा? क्योंकि आपको पीना था, बस एक बहाना चाहिए था संग का। त्याग कर दो, पूरी तरह त्याग करना। क्योंकि एक बार बुराइयों का त्याग करने के बाद उसे फिर ग्रहण करना, अपनाना, विष्ठा खाने के समान होता है। इसलिए हमेशा के लिए त्याग करना। दोबारा अपनाने पर आप आत्मिक गिर जाते हो, इस बात को समझो। धन से गए, कमा लोगे; तन से गए, खा-पीकर बलवान कर लोगे; ज्ञान से भी अपने आप को ज्ञानी बना लोगे; लेकिन एक बार आदमी गिर गया, तो उठाने में जिंदगी लग जाएगी। एक व्यक्ति साठ साल तक नौकरी करे और आखिरी दिन बेईमानी कर ले, तो पूरी जिंदगी भर के लिए बेईमान का स्टैंप लग गया। कोई गर्भ में से बोतल लेकर पैदा नहीं होता। किसी ने बीस साल में किया, किसी ने चालीस साल बाद — दो नाव हैं, एक में निन्यानवे छेद हैं, एक में एक बारीक छेद है; परिणाम दोनों का एक ही आएगा, एक पहले डूबेगा, एक बाद में। तुलना में मत फंसो।

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वीडियो: #जीवन में लालच कब पैदा होता है ? (When Does Greed Arise in #Life? Consequences of Greed) in Hindi · 2026-03-10