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प्रश्नोत्तर P4-0011 · भाग 4

(लाइव, फिनलैंड से) जब हम किसी से बात करते हैं, तो मन ही मन उसके बारे में निर्णय बनाने लगते हैं कि यह ऐसा है, वह वैसा है। इस आदत से मैं बाहर कैसे निकलूं?

तो आप एक काम करो — आप धारणाएं बनाना छोड़ दो, अनुमान लगाना ही छोड़ दो। आप जब उसका उपयोग करोगे, तब पता चलेगा वो कैसा है; तो आप उससे बातचीत करो। कोई भी हो — चाहे वो वस्तु हो, चाहे आदमी — हम यहां एक-दूसरे का उपयोग ही कर रहे हैं, उस उपयोग में ही पता चलता है कौन कैसा है। तो जब तक उपयोग ना कर पाओ, तब तक (अनुमान मत लगाओ)।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01