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प्रश्नोत्तर P5-0003 · भाग 5

(वही साधिका) कोई गुरु कहते हैं कि मुझे पूरी दुनिया का कल्याण करना है, घर-घर तक पहुंचना है — क्या वाकई वो लोगों के लिए करते हैं या अपने लिए? यह भी तो एक कामना हो गई? और (जैसे) हमने मरते हुए बिल्लों-कुतिया को उठाकर पाला — कहते हैं सब अपने लिए ही करते हैं, उनकी तड़प देखकर दुख तो हमें ही होता है।

अब वो देखना है — ये देखना है कि वो क्या दे रहे हैं। अगर वो मुक्ति का ही मार्ग बता रहे हैं, दुखों से मुक्ति का मार्ग — उनका भाव है — अब जहां तक पहुंचना होगा, पहुंचेगा। (यह कामना हो गई ना?) देखिए, कामना है, लेकिन कामना क्या है? जैसे मान लीजिए पकड़ना कामना है, तो छोड़ना (कामना नहीं है)। अगर समाज-हित के लिए कोई कार्य कर रहा है, और आत्मिक कल्याण का कार्य कर रहा है, तो उसे तो कुछ नहीं चाहिए — तो इच्छा कहां हुई? (क्या हम दूसरों के लिए कुछ करते हैं?) ऐसा बहुत होता है; आप भी करती हैं। जब आप जरूरतमंद की सेवा करते हो, वहां कोई इच्छा काम ही नहीं करती है। (बिल्लों को उठा लाए —) तो ये निष्काम सेवा हुई। (लोग कहते हैं सब अपने लिए करते हैं —) कहने दो ना, कहने से क्या हुआ? वो वही कहते हैं, जो नहीं करते, जिनके अंदर मानवता नहीं होती, वो कह देते हैं। (तड़प तो अपनी है —) तड़प अपनी नहीं है, उसकी (तड़प) देख के (आपकी) तड़प है। आपके पास ना दुख है, ना सुख है, आपके पास कुछ नहीं है। जैसी सामने स्थिति बनती है, वैसा आप फील कर पाते हो, आपकी समझ के अनुसार। और समझ भी आपको बाहर से मिली है। अगर रिएक्शन के लिए कुछ है, और आपके पास वो समझ नहीं है, तो (रिएक्शन) होगा भी नहीं। कोई घटना घट गई, उस घटना को समझने की क्षमता आपको नहीं, तो रिएक्शन नहीं होगा — इसके लिए भी क्षमता चाहिए, समझ होनी चाहिए। जैसे एक व्यक्ति ने आपको बुरा बोला, (और) वो भाषा आपको नहीं आती — बोल तो दिया उसने, लेकिन आप रिएक्शन नहीं दे पाएंगी, आप बोलेंगी — क्या बोले? लेकिन वो भाषा आती है, तो तुरंत रिएक्शन होगा — आप चाहे जवाब दें, प्रतिक्रिया दें या ना दें, लेकिन रिएक्शन हो गया। (उस रिएक्शन को पहले समझना है?) समझ के ही आप रिएक्शन दे रही हैं — आपकी जैसी समझ थी, आपने (वैसा) समझा। वो सारी चीजें हमारे अंदर ही होती हैं, बस घटनाक्रम बाहर होता है, निमित्त बाहर से बनता है। और ये रिएक्शन भी (जिस समझ से) हो रहा है, वो भी समझ बाहर से मिली है — आपके पास कुछ नहीं है। (दूसरों को देख के रिएक्ट करते हैं?) आपको (जो) समझ मिली है, वो (कहीं ना कहीं से) सीखे हो।

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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17