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प्रश्नोत्तर P5-0194 · भाग 5

क्या मधुर रस (शराब/सोम) सेवन भी हिंसा/दोष है?

मधुर रस मतलब शराब। शास्त्रों में मधुर रस बोला गया, सोम रस बोला गया। आप कोई भी नशा कर रहे हो, तो देखो। सिर्फ नशा करने से कोई नहीं गिरता। नशा के बाद काम क्या करता है? मुख्य बात उस नशे का उपयोग करने के बाद कर्म क्या करता है। उस कर्म से गिरेगा, नशा करने से नहीं। नशा करने से धन का नुकसान होता है, तन का नुकसान होता है, और समाज के ताने सुनने पड़ते हैं। नशे से हमारे जीवन में कोई लाभ नहीं। ना तो ये पूरी शरीर की जरूरत है। तो किसी तरह का नशा नहीं करना चाहिए। बाकी, सिर्फ नशा करने से हमें दोष नहीं लगता। हम कर्म क्या करते हैं, उससे पाप-पुण्य लगता है। अगर उसको सही मात्रा में लेते हैं, तो आपको देखना है, आप उसे दवा में उपयोग कर रहे हो, कि नशे में उपयोग कर रहे हो। जैसे एक खांसी की सिरप आई थी, कोरेक्स। धीरे-धीरे वो कम मिलने लगी। क्योंकि बनी थी खांसी के लिए, और लोगों ने उसे नशे में उपयोग करना शुरू कर दिया। दो-दो, तीन-तीन बोतल पी लो, सो जाओ। डिप्रेशन में जाते थे, उसको पी लेते थे। महक कुछ नहीं आती थी, कोई प्रॉब्लम नहीं थी। लेकिन अब आपको सीधा मिलता भी नहीं। मेडिकल में एनआरएक्स में आती है, बंद। कहीं-कहीं खास जगह दिखती है। वो भी कहते हैं, डॉक्टर से लिखवा के लाए हो। वो भी लिमिट में मिलेगी। कहने का मतलब, देखना ये है कि आप उसका दवा का उपयोग कर रहे हो। क्योंकि दवा का दूसरा रूप जहर है। कोई बुखार की ही दवा हो, लेकिन आप बीस टेबलेट खा लो, सौ खा लो, तो क्या हो जाएगा? नुकसान। तो अगर आप ले रहे हो, तो दवा के लिए ले रहे हो कि मौज के लिए ले रहे हो, वो देखना पड़ेगा। देश का सिस्टम बेईमान नहीं है। सिस्टम पर बैठने वाले लोग बेईमान हैं। ना तो देश बेईमान है, ना तो सिस्टम बेईमान है। सिस्टम हमेशा ईमानदार होता है। तभी तो सिस्टम है। अब सिस्टम पर बैठने वाला कौन है? वो तो हम ही लोग हैं। तो ना सिस्टम बेईमान है, ना देश बेईमान है। बेईमान हम लोग हैं। काश इस बेईमानी को छोड़ दिया जाए। तो यहां भी कल्याण हो जाएगा, और वहां भी कल्याण हो जाएगा।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 23 अगस्त 2026 #योगी · 2026-08-23