प्रश्नोत्तर P6-0019 · भाग 6
इच्छा आएगी ही — सामने नंगा/कपड़े वाले को सेम नजर से देखना चाहिए?
नहीं, हमें दोनों को सेम नहीं देखना है। मुझे अपना काम देखना है कि मेरे पास आया क्यों। मुझे उसका आवरण नहीं देखना है। वो मेरे पास आया है कुछ जरूरत के लिए। वो जरूरत पर बात करनी है।
तो मत करो, मत खाओ। ना खाना तो आपके बस में है। आप हिमालय पर भी चले गए। अगर अपनी आदतों का सुधार नहीं किया, तो कुछ नहीं होगा। बात ये हो रही है, अगर मुझे कोई चीज परेशान कर रही है तो मुझे उसे नहीं करना चाहिए। पहले क्या हुआ? पहले हमने शरीर से किया। और अब नहीं कर रहा हूं, तो मानसिक याद आ रही है। शुरुआत कहां से हुई? शरीर से। अब मानसिक याद आ रही है, तो छोड़ना भी शरीर से पड़ेगा। एक समय होगा, मानसिक भी वो खत्म हो जाएगा। आधार क्या है? शरीर के द्वारा। शरीर के द्वारा करना बंद कर दो, तो मानसिक भी छूट जाएगा।
उस पर एक्ट मत करो। उसको आने दो। वो धीरे-धीरे आएगा। पहले शरीर से हमने किया, फिर आदत बनी। आदत बनी, तो मानसिक याद आने लगा। अब मैंने छोड़ दिया। शरीर से नहीं करूंगा, तो मानसिक भी एक दिन छूट जाएगा।
मन ऐसे नहीं जाता है। मन तब जाता है, जब आपको जरूरत हुई। आपको भूख लगी, आप इसी से समझो। वो आपके शरीर की जरूरत को इंगित करता है। शरीर की जरूरत क्या है? शब्द, दृश्य, गंध, रस, स्पर्श। और इसी में देखो, वो जाता है। तो जरूरत किसकी है, आपकी या मन की?
अगर आपको भूख लगी, तो मन कहां जाएगा? भोजन पर। आपको इंगित करेगा कि भूख लगी है, और जहां-जहां आपको भोजन मिल सकता है, वहां का पता फाइल खोलेगा, कि भैया यहां पता है। जाना या ना जाना आपके ऊपर है। भूखे भी मर जाओ, तो मन आपको घसीट के नहीं ले जाएगा। मन का काम है सिर्फ इंगित करना। क्लिक करता रहेगा। जितना ज्यादा होगा, उतना ज्यादा क्लिक करेगा। एक समय ऐसा आएगा, जब जैसे बाथरूम लगी और वो क्लिक कर रहा है। करते-करते आपने नहीं किया, पट कर दिया, तो फिर बाथरूम करो वाला क्लिक खत्म हो जाएगा, कुछ और जगह क्लिक करने लगेगा। मन आपका सहयोगी है।
नहीं। बस एक ही शत्रु आपका है, और वो तुम हो, और कोई नहीं। तुम सिर्फ अपने आप को बचाना चाहते हो। सारा मजा तुम लेना चाहते हो, और अपने आप को निर्दोष बताना चाहते हो। सब बात तुम्हें समझ में आ रही है, लेकिन तुम सोच रहे हो कि मैं किसी पर थोप दूं। यहां ऐसा नहीं होगा। यहां तुम बच नहीं पाओगे। ऐसी जगह तुम आए हो, यहां तुम बच नहीं पाओगे। या तो समझ पाओगे, या तो भाग जाओगे, लेकिन बच नहीं पाओगे। अपनी गंदी आदतें छोड़ो। किसी पर थोपना बंद करो। जिम्मेदारी खुद लो। जिम्मेदार इंसान बनो। अगर कुछ हो रहा है, तो इसके जिम्मेदार मैं हूं। मैंने किया है। जिम्मेदार व्यक्ति बनो। थोपो मत।
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