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प्रश्नोत्तर P6-0103 · भाग 6

मजदूरी करती हूं। कपड़ा कंपनी में कभी अच्छा कपड़ा निकल जाता है, पैसे देकर नहीं देते, मुफ्त में ले जाओ कहते हैं। पड़ोस और घर वाले साड़ी, चूड़ी या खाना दे देते हैं। नहीं लूं तो मुंह फुलाते हैं और विरोध करते हैं। दिया हुआ लेना चाहिए या नहीं?

पैसे देकर नहीं देते। तो बोल दे, भाई पैसे दो तो लूं, नहीं तो जाने दो। वे कहते हैं, पैसे नहीं दूंगा। पैसे लेना है तो दूसरी दुकान में जा। यह भी सही है। तो ले लिया कर। तेरे काम को अच्छा समझकर ही दे रहे होंगे। कोई बात नहीं। ऐसे भी कहते हैं, मजदूरी करती हो, लेके चली जा, पैसे मत दे। पैसे देना है तो दूसरी दुकान में चल। कोई साड़ी दे दे, कपड़े दे दे, खाना दे दे। मूल्य नहीं लिया, तो ठीक है। तेरे पास अगर कुछ हो तो उसे भी दे देना। नहीं लेने से मुंह फुलाते हैं, विरोध करते हैं। अभी तक लेती थी, अब क्यों नहीं लेती, यह बोलते हैं। नहीं, ले लिया कर। लेकर दूसरे को दे देना। जो भी दे, ले लिया कर। बस जहर मत लेना। मीराबाई को जहर नहीं दिया गया था क्या। दिया गया था। तो यह मत सोच। बस जहर मत लेना। बाकी कोई विदाई दे, कोई सामान दे, ले लिया कर। सब गठरी में ले ले। एक ही बात का ख्याल रखना। जहर कोई दे तो ना लेना, और जहर देना भी मत। कोई भी सामान दे, ले लेना। किसी का दिल मत तोड़ना। तू उस तरफ लेने वाली बन जा। कोई ना ले, तो बोल, हम लेने के लिए तैयार हैं, मुझे ला दो। लिखवा दे कि अगर कोई ना ले तो मैं लेने के लिए तुम दे देना। साड़ी हो या कोई और चीज। बोल, हम तैयार हैं, लाकर दो। जरूरत नहीं रहती तो बांट देना। जरूरतमंद बहुत हैं, लेकर देना। हिसाब से लेना। जरूरत वाले लेते भी नहीं। जिसके पास भरा है वही लेता है, वही मांगता है। जिसको जरूरत नहीं, वही कहता है दे दो। ज्यादा हो तो मेरे को दे देना। मैं जरूरतमंद बहुत हूं, मुझे बहुत चाहिए। मैं सब ले लूंगा। गाड़ी भी भेज दूंगा। चूड़ियां, साड़ियां, सब ले लूंगा। यहां जितने कार्ड आते हैं, इस क्षेत्र में कोई भी कार्ड आ जाए, एक साड़ी जाती है। आश्रम से, कुटिया से यह तय है। लड़के का कार्ड आए तो भी लड़की को जाता है। लड़की का कार्ड आए तो भी लड़की को ही जाता है। जितने कार्ड आते हैं, उनको इक्कीस सौ रुपए और एक साड़ी।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 7 जून 2026 #योगी · 2026-06-07