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प्रश्नोत्तर P9-0142 · भाग 9

आपके बताए मार्ग पर चलने के बाद भी बेचैनी और घुटन बनी रहे, तो क्या इसे कर्मों का परिणाम समझकर भोगते रहें?

एकदम। आपके कर्मों का ही तो परिणाम है। आपके कर्मों का परिणाम है। उसे साक्षी भाव से देखो। कुछ ऐसा कर्म न करो कि आगे आपको भोगना पड़े। सोच-समझ कर आगे बढ़ो।

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वीडियो: लाइव सत्संग अपनों की कुटिया में प्रश्न और उत्तर #योगी · 2026-07-16