प्रश्नोत्तर P9-0143 · भाग 9
महाराज जी, मैं देख पाया कि मैं विचार था ही नहीं। मन में समा गया, खाली, मैं सब अच्छे से देख पा रहा था। वह क्या है?
लेकिन माया है। यह माया है। देखते रहो भैया, देख के निकल जाओ।
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वीडियो: लाइव सत्संग अपनों की कुटिया में प्रश्न और उत्तर #योगी · 2026-07-16