प्रश्नोत्तर P15-0138 · भाग 15
गुरु जी, रामायण काल वाली शिक्षा आज पुनः बता दीजिए।
रामायण, रामचरितमानस — राम का चरित्र अपने जीवन में उतार लो, यही रामायण का मतलब है। गीता — गीता गीता कहिए तो 'त्यागी' निकलेगा; अपनी बुराइयों का त्याग कर देना गीता है। मेरा और कर्ता से अपने आप को मुक्त करा लो, बस यही गीता है। कर्ता का भाव तब नहीं उठेगा जब आप अनुमान लगाना छोड़ दो। और मेरा का भाव छुड़ाने के लिए 'ठीक' शब्द का प्रयोग करो, क्योंकि अच्छे में राग, बुरे में द्वेष — इसी में आप घूम रहे हो। लेनदेन में 'ठीक' शब्द का प्रयोग करो, बस बात खत्म। यह है पूरा गीता का सार।
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वीडियो: हमारी स्मृतियां कब संस्कार बनती हैं ?#प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-11