प्रश्नोत्तर P21-0157 · भाग 21
गुरु जी, आत्मा — जिसे "सो" कहते हैं — वो क्या है, उसे कैसे समझें?
आत्म तत्व में तभी स्थिर हो पाओगे जब आप अपने बनाए हुए अस्तित्व को मिटाओगे। राग और द्वेष से आप कुछ और बन गए हो — जैसे पानी बर्फ बन गया है; अब पानी को देखना है तो जिस कारण से वो बर्फ हुआ है उस कारण को हटाना पड़ेगा, और कुछ देर इंतजार करोगे तो पानी को मूल में देख पाओगे। वैसे ही मैं जहां पे हूं वहां से मुझे हटाना पड़ेगा, क्योंकि नकली के पीछे असली है, और असली से ही नकली तैयार हुआ है। नकली का अस्तित्व जब मिटेगा तो असली अपने आप प्रत्यक्ष हो जाएगा। जब आप आत्म तत्व में स्थिर हो पाओगे तब आत्मा का बोध होगा, आत्म साक्षात्कार होगा, स्वयं के होने का ज्ञान होगा — लेकिन तब, जब आप जहां हो वहां से अपने आप को छुड़ाओगे। और उसके लिए आपको काम करना पड़ेगा।
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वीडियो: मैं कहां हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 5 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-06