प्रश्नोत्तर P21-0162 · भाग 21
गुरु जी, शंकराचार्य जी ने कहा है कि सद्गुरु के वचनों का श्रवण और मनन करने से बुरे कर्मों का नाश हो जाता है — क्या ऐसा है?
आपको एक व्यक्ति ने बिना मतलब एक झापड़ मारा, और वो (अपने घर में) मनन करे, चिंतन करे — आप उसे माफ कर दोगे? नहीं करोगे। और वो आपके सामने आके माफी मांगे, पश्चाताप करे, तो माफ कर दोगे। ठीक वैसे ही कर्म करके हम फंसे हैं, कर्म करके ही मुक्ति मिलेगी — मनन से कुछ नहीं होगा; मनन के बाद काम। पहले सुनो, गुणो — मतलब समझो — और फिर जीवन में उतारो, तब जाके परिणाम आएगा। सुन लिया पर समझा नहीं, या समझ लिया पर किया नहीं, तो परिणाम नहीं आएगा — परिणाम हमेशा करने के बाद आता है। चार वेद, 18 पुराण, छह शास्त्र और जितने भी महापुरुषों की वाणी है, आप कंठस्थ कर लो — कुछ नहीं होगा, अगर आपने जीवन में उसे जिया नहीं। कोई भोजन की वैरायटी बताए तो क्या आपकी भूख शांत हो जाएगी?
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वीडियो: मैं कहां हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 5 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-06