प्रश्नोत्तर P21-0170 · भाग 21
गुरु जी, हमें पता है हम ईमानदार हैं, लेकिन दूसरों को लगता है हम बेईमान हैं — तब हम क्या करें?
मुझे दूसरे से मतलब ही नहीं है, क्योंकि आत्मिक कल्याण से मतलब मेरा है। मैं ईमानदार हूं, मुझे पता है ना — बस बात खत्म। ईमानदारी और सत्कर्म, इन दो से आपका कल्याण होगा।
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वीडियो: मैं कहां हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 5 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-06