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प्रश्नोत्तर P21-0181 · भाग 21

गुरु जी, कर्म सिद्धांत और ज्ञान मार्ग — ये दोनों कैसे जुड़ते हैं, और कैसे हम आत्मज्ञान की तरफ चलें?

आप चाहे ज्ञान मार्ग से जाओ, चाहे भक्ति मार्ग, चाहे योग, चाहे ध्यान — किसी भी मार्ग से जाओ, उसमें ज्ञान लगेगा ही। कोई भी कर्म करो, उसमें समझ चाहिए — समझ कहां से मिली? ज्ञान से, किसी के द्वारा। तो जब भी कर्म करोगे, ज्ञान की जरूरत पड़ेगी ही। ज्ञान से चलना है और ज्ञान तक पहुंचना है — शुरुआत ज्ञान से ही करनी है, और आखरी में वो ज्ञान छूट जाएगा और मैं आत्मज्ञान तक पहुंच जाऊंगा। तो जब भी मैं कर्म करूं — मैं क्या कर रहा हूं, कैसे कर रहा हूं, ये कर्म मुझे कहां ले जाएगा, किस भाव से कर रहा हूं — और कहीं उसमें छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड तो नहीं हो रहा, ये देखना है।

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