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प्रश्नोत्तर P21-0187 · भाग 21

गुरु जी, और "कर्ता" का मतलब क्या है?

कर्ता का मतलब — मैंने कोई काम किया, परिणाम नहीं आया, और मैंने परिणाम बता दिया, जबकि मुझे पता नहीं। किसान ने फसल बोई, उसे पता नहीं कितने क्विंटल होगी, पर गांव में बता दिया इतना होगा — हो गया तो सीना टाइट, नहीं हुआ तो गांव वाले उसे ढूंढेंगे; दोनों स्थिति में वो गिरेगा। विद्यार्थी ने एग्जाम दिया, कह दिया इतना परसेंट आएगा — कम आया तो नजर नीची, घुटन, शर्म; ज्यादा आया तो "देखो मैंने बोला था ना" — हर स्थिति में उसे पता नहीं था। भोजन बना रहे हो और आश्वासन दे दिया कि उंगली चाटोगे, और भोजन गड़बड़ बन गया तो शर्म आएगी — इससे अच्छा बोल दो कि प्रेम से बना रहे हैं, जैसा बन गया। कोई पूछे कितने समय में आ जाओगे, तो लमसम-अंदाजा बताओ, कंफर्म टाइम मत दो — जैसे ही कहा "इतने बजे पक्का पहुंचूंगा," कर्ता का भाव उठ गया: पहुंच गए तो अहंकार में गिरोगे, ट्रैफिक में फंस गए, गाड़ी बिगड़ गई तो शर्म से गिरोगे। साधन का भी पता नहीं, शरीर का भी — बीच में लकवा मार दे तो? इसलिए परिणाम आने तक कहो "काम कर रहा हूं, परिणाम आएगा तो बता दूंगा"; परिणाम के बाद बताने में अहंभाव खड़ा नहीं होता।

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वीडियो: मैं कौन हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 28 जून 2026 #योगी · 2026-06-29