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प्रश्नोत्तर P21-0188 · भाग 21

गुरु जी, आप कह रहे थे कि परिणाम के बारे में पता नहीं, बस 101% प्रयासरत रहना है — लेकिन उससे पहले यह जांचना है कि मैं यह काम कर सकता हूं या नहीं?

हां, मुझे ये जांचना है कि क्या मैं ये काम करने लायक हूं या नहीं — तो जवाब मिल जाए। अगर मैं हूं तो उस काम में आगे बढ़ जाऊं, फिर कोई भी परिणाम आए, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, मेरी तरक्की ही होगी। लेकिन उस लायक नहीं हूं और काम बिगड़ गया तो तुम बहुत गिर जाओगे। तो कोई भी काम करने से पहले अपने आप से पूछो — क्या मैं इस लायक हूं? हां, तो आगे बढ़ जाओ। नहीं, तो क्या मैं आने वाले कल में इस लायक बन सकता हूं? हां, तो उस लायक बनने के लिए काम करूं। और अगर जवाब मिले कि बन भी नहीं सकता, तो तुरंत उस काम से पीछे आ जाओ — "भैया ये काम मैं नहीं कर सकता" — क्योंकि वो काम अब आपको गिराएगा, हताश-निराश करेगा, दुखी करेगा, ताना मरवाएगा, जलील करेगा। तो कोई भी काम करने जाओ, अपने आप से ये दो प्रश्न करो।

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वीडियो: मैं कौन हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 28 जून 2026 #योगी · 2026-06-29