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प्रश्नोत्तर P21-0195 · भाग 21

गुरु जी, संसार में रहते हुए बहुत सारे बंधन हैं — तो आत्म साक्षात्कार के लिए मुझे संसार फिजिकली छोड़ के कहीं जाना है, या मेंटली यहीं रह के छोड़ सकता हूं?

अगर मैं कहीं फंसा तो पहले मैंने शरीर से किया, फिर मैं मानसिक फंस गया। तो पहले मुझे शरीर से करना बंद करना पड़ेगा, फिर उससे छुटकारा पाने के लिए काम करना पड़ेगा। जैसे मैंने शरीर से गांठ बांधी, और मानसिक समझ में आ गया कि गांठ बांध ली — जब तक शरीर से नहीं खोलूंगा, मानसिक वहां से हट नहीं पाऊंगा; शरीर से खोलूंगा तो मानसिक भी छूट जाऊंगा। शरीर के द्वारा बंधन हुआ है तो शरीर के द्वारा करके ही मुक्ति मिलेगी — पहले बंधन वाला कर्म किया, अब मुक्ति वाला कर्म करना पड़ेगा। तुम सीधा मानसिक छोड़ना चाहते हो तो नहीं छूट पाएगा। तो घर नहीं छोड़ना — अपनी बुरी आदतें छोड़ो; जिन आदतों से आप पीड़ित हो, वो करना छोड़ो। क्योंकि जगह बदलने से स्थिति नहीं बदलती — जहां भी जाओगे अपने आप को पाओगे; वही आदत रही तो वहां भी दुखी हो जाओगे।

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वीडियो: मैं कौन हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 28 जून 2026 #योगी · 2026-06-29