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प्रश्नोत्तर P21-0196 · भाग 21

गुरु जी, साधना कैसे करनी चाहिए?

साधना का मतलब होता है अपने आप को सुधारना — अपने आप को सुधारना ही साधना है। सुधारने के पहले ये देखना पड़ेगा कि आप बिगड़े कहां हो। जैसे मशीन बिगड़ जाए — भले आपको बनाना आता हो, अगर ये नहीं खोज पाओगे कि कैसे बिगड़ा, तो क्या बना पाओगे? तो देखो आप बिगड़े कहां हो — जब ये देख पाओगे कि मैं इस कर्म के द्वारा बिगड़ा हूं, तो इसको छोड़ के सुधर सकते हो। अपने आचरण को बदलो — जिस आचरण से परेशान हो वो करना बंद करो। वो बंद नहीं किया तो कितना भी पूजा-पाठ, माला करिए, कुछ नहीं होने वाला। झूठी सांत्वना अपने आप को देना बंद करो — रोटी से पेट भरता है, बातों से नहीं; किताबों में अच्छा-अच्छा भोजन देख लूं तो पेट नहीं भरेगा। अगर बिगड़ापन नहीं देख पाओगे तो सुधारने का भाव भी नहीं जगेगा।

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वीडियो: मैं कौन हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 28 जून 2026 #योगी · 2026-06-29