प्रश्नोत्तर P21-0197 · भाग 21
गुरु जी, मोक्ष क्या है, मोक्ष का मतलब क्या है?
मोक्ष का मतलब — लेन-देन से मुक्त हो जाना। मैं देने वाला हूं तो भी मैं यहीं हूं, लेने वाला हूं तो भी मैं ही हूं; लेने और देने के भाव से जब मैं पूरी तरह मुक्त हो जाऊं, मेरा लेन-देन खत्म हो गया, तो मेरा मोक्ष। लेने का भाव बंधन की तरफ ले जाता है और देने का भाव मुक्ति की तरफ। लेना तो आपने पहले खत्म कर दिया, और एक दिन देते-देते देने लायक नहीं रहोगे, आपके पास कुछ नहीं रहेगा — उस समय आपका मोक्ष हो जाएगा, और इसी पिंड में मोक्ष का आपको पता चलेगा। लेन और देन दोनों से मुक्त हो जाते हैं तो आप मूल में पहुंच जाते हैं — जहां से आपका अस्तित्व है।
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वीडियो: मैं कौन हूं ? कर्नाटक कलबुरगी में पुनः सत्संग 28 जून 2026 #योगी · 2026-06-29