प्रश्नोत्तर P22-0049 · भाग 22
गुरु जी, जैसे आपने बोला कि आगे बहुत ज्यादा सामना करना पड़ेगा — पर पता नहीं हमारी उतनी क्षमता है या नहीं। अगर सच में वही चाहिए तो वह सहने से हो पाएगा, पर कैपेसिटी कैसे होगी?
धीरे-धीरे आ जाती है — छोटे-छोटे स्टेप्स। आप पहली क्लास में थीं, फिर दूसरी, तीसरी, चौथी, पांचवीं, छठी; अगर पहली क्लास में ही कॉलेज की बुक सामने रख दी जाती तो आप कहतीं "मैं इसे कभी नहीं पढ़ पाऊंगी"; लेकिन बाद में आप बहुत आसानी से पढ़ने लगीं। धीरे-धीरे आगे जाइए।
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वीडियो: माया को सस्ती क्यों कर देती है ब्रह्म की मस्ती ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-04-21