प्रश्नोत्तर P22-0050 · भाग 22
गुरु जी, इसमें अर्जेंसी भी लग रही है — पता नहीं कितना टाइम बचा है, कब आखिरी सांस आ जाए। उसके लिए कैसा लक्ष्य होना चाहिए?
जाने दो कितना टाइम बचा है; जब पता नहीं तो पीछे क्यों जा रही हो? टाइम का पता है तभी पीछे जा रही हो। कोई आपको पुकार रहा है तो बोल दो — "मुझे पता ही नहीं मैं कब तक रहूंगी।" जब तक हो, अपने आप में रह लो; बस वापस मत जाओ। और लक्ष्य है, तभी तो बोल रही हो — बिना लक्ष्य के थोड़ी बोलतीं; चाहे मरना पड़े, जो भी हो।
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