प्रश्नोत्तर P22-0131 · भाग 22
गुरु जी, अगर कोई जरूरतमंद की सेवा ना करके मानवतावश करता है — जैसे डॉक्टर ने माता जी का इलाज किया, माता जी पैसे तो दे सकती थीं, फिर भी उन्होंने नहीं लिया?
वो माता जी भी तो जरूरतमंद थीं ना। पैसे दे सकती थीं, लेकिन यहां पैसा चलता नहीं। और समझिएगा — उन्होंने माता जी को नहीं देखा, माता जी को वे जानते भी नहीं; उन्होंने मेरे जीवन को देखा है, मेरे त्याग को देखा है। एक बार मैं ऐसे ही जा रहा था तो नदी में गिर गया और मेरी उंगली पत्थर से कट गई, खून निकल रहा था, जेब में एक रुपया नहीं। परिक्रमा मार्ग में किसी से परिचय हुआ था, बोले चलो, इलाज का पैसा हम दे देंगे। दवाखाने में पट्टी बांधी, पूछा कितना हुआ, तो डॉक्टर बोले मैं परिक्रमावासी से पैसा नहीं लेता। मैंने कहा मैं परिक्रमावासी नहीं हूं, भ्रमण कर रहा हूं। बोले नहीं, आपसे भी नहीं लेंगे। मैंने कहा ठीक है, मत लो, आपकी मर्जी — बात खत्म। फ्री में पाने की इच्छा मतलब आप रिक्वेस्ट करते हो, दबाव और संकोच में जाते हो; आप रिक्वेस्ट करोगे तो सामने वाला फिर आपका दुरुपयोग करेगा। बात ये है — लालच में फ्री में पाने की इच्छा छोड़ दीजिए।
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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19