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प्रश्नोत्तर P22-0132 · भाग 22

गुरु जी, सांस सत्य है या सांस लेने वाला सत्य है? वीडियो में बताया गया था पर मैं समझ नहीं पाया।

ले कौन रहा है? आपने पूछा सांस लेने वाला सत्य है या सांस सत्य है — मतलब लेने वाले को आप जानते हो तभी पूछा? आपने ये तो नहीं पूछा कि लेने वाला कौन है, सांस क्या है। आपको लेने वाले का पता नहीं, तो पहले लेने वाले का पता करना चाहिए; लेने वाले का पता लग जाएगा तो सत्य का पता लग जाएगा, बात ही खत्म हो गई। अपनी समझ से प्रश्न करिए — हम दूसरों की समझ से प्रश्न करते हैं, हमारी गलती यही है। उत्तर तब समझ में आएगा जब आपको प्रश्न समझ में आएगा। जैसे कोई छह-सात साल का बालक "विवाह-विवाह" सुनकर मम्मी-पापा से कहे मेरा विवाह करा दो, और करा भी दिया — अब वह करेगा क्या? पहले उस लायक, प्रश्न के लायक तो बनो, तब उत्तर समझ में आएगा। एक व्यक्ति ने तोता रखा था जो चिल्लाता था "मुझे मुक्त करो"; पड़ोसी ने उसे खोल दिया, वह ऊपर गया और वापस पिंजरे में बैठकर फिर कहने लगा "मुझे मुक्त करो" — कई बार ऐसा हुआ। यही हाल लोगों का है — प्रश्न का पता नहीं, प्रश्न पूछना है। सांस मतलब एक हवा है — ऑक्सीजन बाहर थी, अंदर गई, फिर कार्बन डाइऑक्साइड निकली; उसको हमने सांस का नाम दिया है। उसके पीछे कोई ले रहा है ना? तो सांस कैसे सत्य हुआ? मुझे क्या पता कौन ले रहा है, लेकिन कोई तो है — बस देख लो कौन है।

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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19