आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P22-0134 · भाग 22

गुरु जी, मैं पूजा करती हूं, माला जपती हूं, कॉपी में पेन से राम-राम लिखती हूं — क्या ये लिखना सही है?

मेरे समझ से वह कॉपी किसी जरूरतमंद को दे दीजिए। माता जी, वह कॉपी पैसे से आती है — किसी पढ़ने वाले बच्चे तक पहुंचा दीजिए ना। आखिर बाद में उसको विसर्जित ही किया जाता है; फिर स्याही भी गई, पेन भी, आपका समय भी गया। काश उतनी देर आप कहीं सत्कर्म में लग जातीं। कुछ नहीं तो आटा और शक्कर भूनकर पेड़ के नीचे चींटियों को दाना डाल दीजिए और उन्हें खाते हुए देखिए। आपके दो बच्चे हों — एक आपका नाम लिखता रहे और एक आपका सारा काम करे — तो आप किस पे प्रसन्न रहेंगी? कहेंगी "तू तो कुछ कर भी नहीं रहा, और कॉपी-पेन का पैसा भी बिगाड़ रहा है।"

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19