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प्रश्नोत्तर P22-0138 · भाग 22

गुरु जी, भाव बहुत ज्यादा हो तो क्या भगवान ऐसे शरीर में, साकार रूप में आ जाते हैं?

साकार रूप में ही तो सब बैठे हैं — नहीं हैं क्या? देख पाए तो है, नहीं देख पाए तो नहीं है। जब जरूरतमंद की सेवा आप करते हो, उस समय आप उसके लिए भगवान होते हो, और फिर वही आपको धन्यवाद भी देता है — भगवान भी उसके अंदर से निकलता है और आपके लिए आशीर्वाद भी निकलता है। वह कैसे आशीर्वाद दे सकता है? वह नहीं, अनंत से ऊर्जा आपके लिए सीधा आ रही है — और तब तक आएगी जब तक उसकी जरूरत पूरी नहीं होगी; जैसे जरूरत पूरी हुई, ऊर्जा आना बंद। ऐसे ही धीरे-धीरे आप भगवान बन जाते हो, और फिर भगवान परमात्मा की यात्रा करता है।

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वीडियो: हमारे अंदर कितनी अच्छाई है उतनी ही बुराई है क्या ? #livesatsang #yogiji_ka_satsang · 2025-04-19