प्रश्नोत्तर P22-0194 · भाग 22
गुरु जी, ज्योतिर्लिंग के दर्शन की भी क्या वही बात होगी जो आप अभी कह रहे थे?
मैं वही तो कह रहा हूं — दर्शन भी इसलिए करना है कि दर्शन से मुक्त होना है, और दर्शन से मुक्त होने के लिए मुक्त हुए का दर्शन करना है, बंधन वाले का नहीं। नहीं तो पता चला उसका चरित्र अपना लिया तो और भ्रष्ट हो जाओगे। मुक्त का दर्शन करना।
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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13