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प्रश्नोत्तर P23-0006 · भाग 23

तो गुरु जी, यह विश्वास की बात हुई?

विश्वास की बात नहीं। विश्वास तो प्रकृति की एक व्यवस्था है, प्रथम सीढ़ी है। यह आपके भाव की बात है, विश्वास की बात नहीं — यहां बस आप हो। विश्वास तो दो में होता है; एक में क्या विश्वास? यहां सिर्फ आप हो। तो यह बस भाव की बात है। अगर आपको पक्का हो गया कि यह खट-खट करने से मैं पहुंच जाऊंगा, तो ऐसे करने से आप पहुंच जाओगे; लेकिन यह पक्का आपको होना चाहिए, थोपा हुआ नहीं।

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वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13