प्रश्नोत्तर P23-0017 · भाग 23
प्रणाम गुरु जी, पाप-पुण्य सब जानते हैं, लेकिन पाप क्रिया लोग बार-बार क्यों करते हैं?
लोगों को छोड़ दीजिए, आप अपनी देखिए — आप क्या कर रहे हो। जोर पड़ता है खुद से मुलाकात करने में, एकदम। दूसरे से मुलाकात करने में चापलूसी चाहिए। गुरु ऐसा होना चाहिए जो मुझको मुझी से मिला दे। तो गुरु आईना है — आईना का मतलब होता है, जैसे हो वैसे दिखो। तो गुरु से मुलाकात हो गई, तो सर्वप्रथम आपको पहले औकात दिखाएगा, क्योंकि जैसे हो वैसे दिखोगे। फिर आपको शब्दों के द्वारा कुछ और दिखाएगा — आपको अभी की स्थिति दिखा देगा, और फिर आपको आखिरी दिखा देगा।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13