आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P23-0025 · भाग 23

महाराज जी, पहले मुर्गी आती है या अंडा?

यार, तुम लोग मुर्गी और अंडे की बात करते हो, मुर्गा भी तो था उसमें — उसको तुम पूछ ही नहीं रहे हो, और मेन मुर्गा है। अंडा हो या मुर्गी, बिना मुर्गे के आएगी कैसे? तो मुर्गा खोजो; मूल पर आप लोग जाते ही नहीं हो, मुर्गे की बात कोई नहीं करता। तुम्हें चाहिए मुर्गी और अंडा; जब तक चाहिए, इसी मुर्गी-अंडे में घूमते रहोगे। चाहिए से मुक्त हो गए तो मुर्गा मिल जाएगा, बात खत्म। जिसे चाहिए, वो मुर्गी-अंडे में घूमे; जिसे कुछ नहीं चाहिए, वो मुर्गे से मिल गया, बात खत्म। छोड़ो — सब कुछ तो मुझसे ही है, मुर्गी भी मुझसे है, अंडा भी मुझसे है। छोड़ो, खत्म करो।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: दर्शन से हमें क्या सीखना है ? #livesatsang #yogi Ji ka satsang · 2025-03-13