प्रश्नोत्तर P24-0017 · भाग 24
गुरु जी, अपने शरीर की ऊर्जा कैसे बढ़ाएं?
शरीर की ऊर्जा बढ़ाना चाहते हो तो समझ के बढ़ाओ, क्योंकि पहलवानी तो करना नहीं है; उतनी ताकत तो है कि अपना काम खुद कर लेते हो। अब देखना यह है कि आखिर हमें ऊर्जा की जरूरत क्यों पड़ रही है? क्या करेंगे ऊर्जा लेकर? क्योंकि कहा जाता है कि स्व में अगर कोई स्थित हो गया तो उसे कोई ऊर्जा की जरूरत नहीं है — आत्मा को कोई ऊर्जा की जरूरत नहीं है। लेकिन इच्छा-अपेक्षा में आपने अपने आप को जीवात्मा बना दिया, इसलिए अब ऊर्जा की जरूरत है। तो ऊर्जा की जरूरत मुझे इसलिए है कि मुझे अपने आप को निकालना है। मैंने अपने आप को बंधन में फंसा लिया है, वहां से निकलने के लिए मुझे ऊर्जा चाहिए — और वो ऊर्जा समझ के रूप में मुझे चाहिए, और वो सत्संग के द्वारा मिलती है। तो जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके सत्संग को ग्रहण करो, उसका अनुसरण करो, उसमें जियो; आपको वहां से छुड़ाने के लिए ऊर्जा मिलेगी और आप अपने आप को छुड़ा पाएंगे। एक समय ऐसा आएगा कि आप राजसी, तामसी, सात्विक — तीनों ऊर्जा से मुक्त हो पाएंगे और स्व में स्थिर हो जाएंगे। सत्संग में ईमानदारी, सत्कर्म, योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग — यह अपनाकर जीवन में आगे बढ़ो। एक समय ऐसा आएगा कि आपको ऊर्जा की भी जरूरत नहीं रहेगी। कब? जब अपने आप को छुड़ा लोगे तब।
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वीडियो: अपनी दिव्य ऊर्जा को कैसे बढा़ए ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-09-03