आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान

प्रश्नोत्तर P24-0023 · भाग 24

गुरु जी, फिर तो लगता है सच्चाई कभी-कभी मजबूर हो जाती है — जो काम मिलिट्री करती है वह मैं अकेला कैसे कर लूं?

सच्चाई सिर्फ सच्चाई होती है; सच्चाई न गरीब के साथ होती है, न अमीर के साथ होती है — आपके काम के साथ होती है। अगर काम को हटा दो तो न तुम सच्चे रहे, न बेईमान रहे, न ईमानदार रहे, कुछ नहीं रहे। कौन कह रहा है आप मिलिट्री वाला काम करो? अगर तुमसे नहीं हो रहा है तो वो काम मत करो; कम से कम आप अपने आप को तो बचा लो। मैं आपको बता दूं कि मैं 2011 से निकला था और मुझे बीस लग गए तब जाके मैं योग्य बना, अब मैं यह काम कर पा रहा हूं। जब आप कोई काम करना चाहते हो तो धन से, तन से और ज्ञान से जब पूरी तरह मजबूत रहोगे, पूरी तरह स्वयं सक्षम रहोगे, तभी आप काम कर पाओगे। और अगर आप किसी पर निर्भर हो — चाहे धन से, चाहे तन से, चाहे ज्ञान से — और वो ईमानदार नहीं निकला, तो फिर आप लाचार क्या करोगे?

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वीडियो: अपनी दिव्य ऊर्जा को कैसे बढा़ए ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-09-03