प्रश्नोत्तर P24-0058 · भाग 24
गुरु जी, स्वामी विवेकानंद रामकृष्ण परमहंस के पास गए थे तो उन्होंने एक मिनट में सब दिखा दिया था — वो क्या था? औरों को क्यों नहीं कराया?
दिखा नहीं दिया था। ऐसा है कि वो जिज्ञासु थे, खोजी थे; उन्हें उसके अलावा कुछ नहीं चाहिए था — अगर वो है तो है। उन्होंने पूछा कि भगवान है? उन्होंने कहा, हां है। बात किए हो? हां, जैसे तेरे से बात कर रहा हूं। मुझे दिखा सकते हो? दिखा सकता हूं। तो वो तैयार थे, उन्हें रिटर्न नहीं जाना था; उन्होंने स्पर्श करके कुछ एहसास कराया था, लेकिन वो पूरी तरह तैयार थे, और फिर वो वापस दुनिया में नहीं गए। बाकी और भी शिष्य थे — उन्हें क्यों नहीं कराया? क्योंकि वो तैयार नहीं थे। तो क्या सच में आपको रिटर्न नहीं जाना है? क्या इस स्थिति पर आ गए हो कि अब पीछे नहीं मुड़ना है? तो आपको कुछ कराया जा सकता है। जांचो — पक्का है, कि पक्का कर रहे हो? पक्का है तो बात बन जाएगी; पक्का कर रहे हो तो अभी नहीं बनने वाली — अभी चाय बन रही है, पूरी बनी नहीं है, अभी स्ट्रगल में है।
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वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06