प्रश्नोत्तर P24-0069 · भाग 24
गुरुजी, ये हमें कैसे पता चलेगा कि लेन-देन क्लियर हो गया? और अगर मैंने आज से ईमानदारी-सत्कर्म चालू किया और एक महीने बाद मर गया, तो?
जब मोक्ष होगा तब पता चलेगा; तब तक करते रहना। पहली बात तो मोक्ष के पहले ही आपको आत्मज्ञान हो जाता है। आपने आज से ईमानदारी-सत्कर्म अपना लिया और मान लीजिए एक महीने बाद मर गए, तो उसी स्थिति में शरीर लोगे — जब तक पूरा नहीं होगा। बाकी रहा तो अगले शरीर में उसी जगह से आपकी साधना होगी। जब तक मोक्ष नहीं मिलेगा, तब तक लेन-देन चालू ही रहेगा। आत्मज्ञान मोक्ष के पहले हो जाता है — जैसे रामकृष्ण परमहंस को आत्मज्ञान पहले हो गया, कैंसर का भोग बाद में भोगे। ऐसा होता है। इसलिए कहा जाता है कि आत्मज्ञान भी करवा सकते हो, लेकिन मोक्ष नहीं।
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वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06