प्रश्नोत्तर P24-0088 · भाग 24
गुरु जी, अगर कोई शिष्य भटकना चाहे, तो क्या गुरु उसे रोक सकता है कि तू भटक रहा है, सीधे रास्ते पर चल?
जैसे ये लड़का आज आया, बोला मैंने पीना छोड़ दिया; कल ये फिर पीना चालू कर दे तो इसकी जिंदगी है। हम कुछ नहीं बोलेंगे। गुरु बहुत कुछ कर सकता है, लेकिन कुछ नहीं करेगा, क्योंकि तुम्हारी मर्जी है। हां, अगर वो कहीं से विवश हो रहा है, तो उसे जरूर आंतरिक ऊर्जा मिलेगी, उसे पता भी चल जाएगा। यहां से बाहर चला गया तो भी, अगर शब्दों को याद रखेगा, जीवन में उतारेगा, तो उन शब्दों से बल मिलेगा; और खुद नहीं करेगा तो नहीं होगा। गुरु का बल किसी दायरे का बल नहीं है, अनंत से उसका बल है।
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वीडियो: इस प्रकृति में पूर्ण कौन और अपूर्ण कौन है ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #साधना #आध्यात्म · 2026-08-06