प्रश्नोत्तर P24-0130 · भाग 24
गुरु जी, कोई जोर-जोर से, ऊंची आवाज में बात करता है तो मुझे इरिटेशन होती है, अंदर कुछ होता है। इसे कैसे निकालें?
कोई सीनियर ऊंची आवाज में बोले तो भय लगता है; कोई जूनियर कितना भी गुर्रा के बोले, भय नहीं लगता, हंसी आती है। बिल्ली जोर से चिल्लाए तो भय नहीं लगता, शेर दहाड़ दे तो लगता है — क्यों? वो ताकतवर है। अगर दूसरी नौकरी का ऑप्शन नहीं है, पीछे बच्चों को भोजन कराना है, तो बॉस गाली भी देगा तो कांपते रहोगे; ऑप्शन है तो कहोगे "रख अपनी नौकरी, मैं जा रहा हूं"। डर का मतलब कमजोरी — कहीं ना कहीं आपके पास ऑप्शन नहीं है, कहीं ना कहीं आप कमजोर हो। तो अगर डर को हटाना है तो कमजोरी को भगाओ। सीधी सी बात — ताकतवर बनो। ₹20 लेके थ्री स्टार होटल में जाओगे तो वेटर से भी डरोगे; ₹1 लाख रहेगा तो मालिक से भी नहीं डरोगे। जिसके पीछे बैक-सपोर्ट है, उसकी आवाज से लोग डरते हैं — उस आदमी से नहीं, उसके पीछे की ताकत से। अमीर आदमी के कुत्ते से भी लोग डरते हैं, और सीधे-सादे गरीब आदमी को भी लोग छेड़ देते हैं, क्योंकि उसके पीछे बैक-सपोर्ट नहीं है।
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वीडियो: साधना में आसन की शुद्धता का क्या महत्व है ? #yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #साधना #आध्यात्म · 2026-09-08